देश की शीर्ष व्यंग्य पत्रिका " व्यंग्य यात्रा " में " ढाक के तीन पात " पर प्रख्यात व्यंग्यकार श्री प्रेम जनमेजय द्वारा " तीन युवा व्यंग्यकारों की पहली व्यंग्य कृति पर चर्चा " के अन्तर्गत त्रिकोणीय में समीक्षात्मक चर्चा
विभिन्न समाचार पत्रों में 'ढाक के तीन पात' के विमोचन की खबर
"शब्द शिल्पियों के आसपास" जुलाई 2015 अंक में "ढाक के तीन पात " के लोकार्पण का समाचार

"ढाक के तीन पात " पर " मंतव्य " में पल्लवी त्रिवेदी की समीक्षा








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